आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ। बंशी वाले गोपाला को पाने आओ।। क्यों खोये हो यों ही बोलो अंगारा में। आओ[...]
शिव स्तुति – गिरीन्द्र मोहन झाशिव स्तुति – गिरीन्द्र मोहन झा
शिव शिव हर हर जपो निरंतर । साम्ब सदाशिव शम्भो महेश्वर ।। ॐ हर हर हर महादेव – 2 नीलकंठ[...]
माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]
कविता और कवि – राम किशोर पाठक कविता और कवि – राम किशोर पाठक
मैं वही शब्द का शिल्पकार हूँ। काव्य में भाव का चित्रकार हूँ।। छंद कविता बनी खास संगिनी। हर रही चित[...]
संबंध – राम किशोर पाठक संबंध – राम किशोर पाठक
सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए। जीवन का सुख सार, वही हम पाए।। हर रिश्तों के संग, रहे समरसता। सुरभित[...]
प्यारी लीची-कार्तिक कुमारप्यारी लीची-कार्तिक कुमार
तू है मीठी, रस से भरी, प्यारी-प्यारी लीची, गर्मी में ठंडक पहुँचाती, सबको लगती अच्छी। हरे पत्तों के बीच चमकती,[...]
मां-ब्यूटी कुमारीमां-ब्यूटी कुमारी
ममता की निर्मल सरिता, वसुंधरा सी असह्य पीड़ा, सह कहलाती जननी । स्वयं भूखी परवाह नहीं, बच्चों के क्षुधा मिटाने[...]
माँ की ममता-राम किशोर पाठक माँ की ममता-राम किशोर पाठक
जग में लानेवाली माँ की, ममता का है मोल नहीं। कैसे चर्चा मैं कर पाऊँ, निकल रही है बोल नहीं।।[...]
मां-बिंदु अग्रवालमां-बिंदु अग्रवाल
मैंने उसे कभी चैन से सोते नहीं देखा। मजबूरी का रोना कभी रोते नहीं देखा।। हर वक्त थामे रहती थी[...]
माँ-रूचिकामाँ-रूचिका
अधूरी हसरतों के संग अधूरी सी लगती जिंदगी, खुशियों की बातें लगती सब बिल्कुल ही बेमानी, तेरा साथ मेरे टूटते[...]
